तेरा पल का सुख!

तेरा पल का सुख, मेरा ज़िंदगी भर का दुख हो सकता है, ये कितने मर्द समझते है! औरतें भयंकर स्राव, पीठ दर्द और हलके बुखार (rti/sti) से पीड़ित होती है पर पति से सुरक्षित संबंध बनाने के लिए कहने से बहुत डरती है। कहती है कण्डोम में लिए कहना, या ये पूछना की कही और मुँह तो नही मारता या ये कहना की ये बीमारी का कारण तुम्हारी अस्वच्छता है - कहने पर बेहया क़रार होने से या पिट जीने से बेहद डरती है। कहती है प्यार करना बंद कर देगा। अब कहे क्या इतने ज़्यादा अविश्वास वाले रिश्ते में प्यार हो सकता है ?

मुँह सी के अब जी पाऊँगी, ज़रा सब से ये कह दो..

विष पी के अब जी पाऊँगी, ज़रा सब से ये कह दो...

इस गीत के बाद एक कार्यकर्ता अपना दर्द साझा कर पाई, गाँव की महिलाओं की क्या स्थिति होगी सोचिए..! 

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