यौन शिक्षा

इन्बॉक्स पर:

वो: आप सेक्स पर नही लिखो तो...

हम: क्यों न लिखूँ?

वो: और कोई लिखता है क्या ऐसे!

हम: तो क्या मेरे लिखने से भूचाल आ जाएगा!

वो: इतनी बॉल्डनेस ख़तरनाक है

हम: क्या होगा? अब तक तो कुछ न हुआ!

वो: आई मीन आपके परिवार वालों ने टोका नही!

हम: बिलकुल नही। सब करते सेक्स!

वो: 😂😂😂 चरण किधर है आपके?

हम: ज़मीन पर!

वो: 🙏🙏🙏

मनुष्य अकेला जीव है जो साल भर सेक्स कर सकता है। कोई अन्य जीव ये नहीं कर सकता। मैंने कुछ दिन पहले सुना की पहले सिर्फ़ बसंत ऋतु इसके लिए उपयुक्त थी। यौन शिक्षा सेक्स करना नहीं सिखाती। वो उससे जुड़े समाजिक मानसिक और शारीरिक पहलू उजागर करता है। वो बच्चों और बालिगों को कंसेंट (सहमति) प्रोटेक्शन (सुरक्षा) इंफ़ेक्शन (अतिक्रमण) सेक्सुकेलिटी सेंसुअलिटी और इंटिमेसी के बारे में बताता है। पर क्या ये सब और जानवरों के लिए ज़रूरी है?? पशु तो शिक्षित भी नहीं, प्राकृतिक रुप से संवेदनशील होते है। फिर क्या गारंटी है कि योन शिक्षा लेकर भी मनुष्य बलात्कारी होगा?

ग़लत जानकारी और समाजिक मान्यताएँ बलात्कार का कारण है। औरत को दबा कर रखना चाहिए। पति जो करे करने देना। मर्द ताक़तवर होता है। मर्द की फ़ितरत होती है इधर उधर मुँह मारना। इज़्ज़त औरत की योनी में है। औरत की में हाँ है। औरत को ज़बरदस्ती से किया पसंद है। पोर्न में जैसा होता वैसा हर औरत एंजॉय करती है। सेक्स सिर्फ़ बच्चे पैदा करने के लिये होता है। सेक्स में तकलीफ़ हो तो भी पति की ख़ुशी देखना। पति की ख़ुशी में तुम्हारी ख़ुशी है...!

जाने कितनी ग़लतफ़हमियों के साथ बच्चे बड़े होते है जिन्हें तोड़ने की ज़रूरत है। सही जानकारी का अभाव बलात्कारी बनाता है!

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