मन की गर्द से
सालों घरेलु हिंसा से कुचक्र में फँसी महिलाओं का व्यवहार भी अजीब हो जाता हैं! बहुत ज्यादा हंसी मज़ाक करना, चुप न रह पाना, लगातार बक-बक करना, बिलकुल गुमसुम हो जाना, बात बात पर गुस्सा होना या खीजना, अपने पति की बड़ाई करते न थकना, अपनी जूठी कहानी बनाना, दुसरे जो सुनना चाहते हैं उस आधार पर बात बदलना, खुद को घर काम में झोंक देना, खुद पर बिलकुल ध्यान न देना, बीमारी के बहाने बनाना, बाज़ार में खरीददारी के लिए बार बार जाना...
काउंसलिंग के बाद महिलाओं के व्यवहार में बदलाव होता देखना सबसे ज्यादा सुखद अनुभव होता हैं.
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें