दलित पितृसत्ता
अभी थाने से आ रहे है। वो जो ख़ुद को दलित नायक कहते है, क्या ये सब सही कर रहे है?
- पहली पत्नी को लगातार प्रताड़ित करना फिर उसकी बेटी पैदा होने पर मौत पर तीन महिने के अंदर अपने से बीस साल छोटी से शादी करना!
- अपनी दूसरी पत्नी को भी बेटा न होने पर लगातार प्रताड़ित करना!
- पत्नी को लगातार धमकी देना की किसी अन्य लडकी को साथ रखने दे नही तो उससे कोर्ट मैरेज कर लेगा
- पत्नी को अकसर इतना पीटना की उसका पूरा शरीर नीला हो जाए!
- पत्नी का सामान घर के बाहर फेंकना और बात बात में कहना की घर से निकल जा
- ये सब भी जब कमाने वाली पत्नी है और ख़ुद उन पैसों से सिर्फ राजनीति करनी है!
- एक धोखा खाई लडकी की मदद के बहाने उसका शोषण करना। उसे प्रधान बनाने का लालच देना। पत्नी को कहना की इसको प्रधान बनाउंगा और प्रधानी ख़ुद करेगा!
- अपनी मौसी के प्रधान होने पर भी भीम आर्मी में खुद को प्रधान के नाम से संबोधित करवाना!
- सास के पूजा के स्थान को ठोकर मार कर तोड़ देना!
- तीज-तेरहवीं बनाने पर सास-ससुर का अपमान करना!
- ससुराल में कृष्ण की फ़ोटो को देख उसे गाली देना!
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