ये कैसा महिला आयोग
आज हम गए तो महिला आयोग के बदलते तेवर देखने
पर वहा तो जय सिया राम और भारत माता की जय सुन कर आ गए
बोलना हमसे हो नही पाएगा, चाहे जो कुछ भी समझे!
पर कानों को बंद नही पाए, वो सुन आए जो विनाश काल के संकेत साथ लाए है!
हम एक परिवार है, जिन्हें परिवारों को टूटने से बचाना है!
हमारी महान संस्कृति नमक की तरह नसों में घुल जानी चाहिए
शादी करवाने का ठेका समाज से सरकार को चला गया
जल्द मदरसों में संस्कृत पढ़ाई जाएगी,
वो अपनी नही भुले, हम अपनी उनको याद दिलाएँगे
लड़कियों को सुसंस्कृत बनाएँगे, कढ़ाई बुनाई और खाना पकाना सीखेगी
मीना मंच में अपनी शादी के लिए गिफ़्ट तैयार करेगी
बाल दिवस पर सुंदर कांड पर डिबेट होगा
बच्चे रोज़ श्लोक चौपाई सोरठा याद करके आएगें
फिर उसकी उलटी कर संस्कृति का पताका फहराएँगे
आंगनवाड़ी में अनप्रासन पर कटोरी बँटेंगीं, जन्म दिवस बनेंगे
गोद भराई होगी, जितने हिंदू बच्चे होंगे उतना उत्सव का अनुदान
तलाक़ दी गई मुसलमान औरत को बचाना है, उसकी घर वापसी करवानी है!
ये कौन सी बयार है, जो हमें बोलने लायक ही नही छोड़ती है!!
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