भगोड़ी लड़कियाँ

बेटियाँ भागती है बाप के घर से

बहुएँ भागती है ससुराल से

पत्नियाँ भागती है पति के घर से

बहुत सोचती रही की आख़िर बेटे दामाद और पति क्यों नहीं भागते? इसलिए कि घर उनके है! वो तो भागने को मजबूर करते है!

घर जिसका होगा उसकी हुकूमत चलेगी

इज़्ज़त के नाम पर बातें है बातों का क्या

अलस मसला तो एक बांदी खो जाने का है बस

वो बांदी जिसके नियम तय है लक्ष्मण रेखा तय है

कुछ साल पहले एक सुबह माँ का कॉल आया था

बोली, लोग कह रहे है तुम बच्चों को छोड़ किसी के साथ भाग गई!

मैं मुस्कुराई, कबीर दही पराँठे खा कर अभी अपनी खिलौने वाली कार मुझ पर दौड़ा रहे थे!

माँ को बोली, माँ बच्चों को छोड़ भागेगी तो प्रलय आ जाए, कबीर के भगोड़े बाप की कोई बात नहीं करता!

माँ बोली, मैं जानती थी तू ऐसा कभी नहीं करेगी। तेरा तो अपना घर है!

फिर उस दिन सविता की सहेली का कॉल था 

बोली, मैम सविता भाग गई किसी लड़के के साथ

बाप ने किडनैपिंग का केस कर दिया है

मैं मुस्कुराई, हाँ भागी तो है पर अकेली बेटी है 

बाप को लगता है संपत्ति किसे देगा। दो चार होती या भाई होता तो मार दी गई होती!

वो बोली, हाँ पर सविता ऐसी नहीं थी पता नहीं क्यों भागी! बाप की मान लेती तो करोड़ों की ज़मीन उसकी होती!

फिर एक दिन अनु ससुराल से भाग गई

नहीं दरअसल वो रोज़ की बेल्टों की पिटाई से भागी थी

उसकी चचेरी बहन बोली, तु भाग कर अपने पापा के पास क्यों नहीं गई, यहाँ गाँव में क्यों आ गई?

अनु बोली, पापा इतना मारते की मर जाती 

यहाँ दादी बचा लेंगी, इसलिए आ गई; पता नहीं कब तक रह पाऊँगी!


मैं तो भागने से बच गई मैं ने अपने लिए घर बना लिए है पर सविता और अनु को अपना हिस्सा मिल जाता तो क्या वो भागती??

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